• Home   /  
  • Archive by category "1"

Essay On An Ideal Student In Hindi

एक आदर्श छात्र वह है जो समर्पित रूप से अध्ययन करता है, स्कूल और घर में ईमानदारी से व्यवहार करता है और साथ ही सह-पाठ्यचर्या वाली गतिविधियों में भाग लेता है। हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा एक आदर्श छात्र बने जो दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सके।

आदर्श छात्रों का हर जगह (स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और खेल अकादमियों में) स्वागत किया जाता है। आदर्श छात्र सटीकता के साथ उन्हें सौंपे गए सभी कार्यों को पूरा करते हैं। वे शीर्ष पर रहना पसंद करते हैं और उस स्थान को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। आदर्श विद्यार्थी के विषय पर आपकी सहायता करने के लिए हमने यहाँ विभिन्न निबंध उपलब्ध करवाएं हैं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी आदर्श विद्यार्थी के निबंध का चयन कर सकते हैं:

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध (Essay on Ideal Student in Hindi)

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – 1 (200 शब्द)

एक आदर्श छात्र शिक्षा में अच्छा होता है, अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेता है, अच्छी तरह से व्यवहार करता है और सुंदर एवं सुशील दिखता है। हर व्यक्ति उसकी तरह बनना चाहता है और हर व्यक्ति उसका दोस्त बनना चाहता है। शिक्षक भी ऐसे छात्रों को पसंद करते हैं और वे जहां भी जाते हैं उनकी सराहना की जाती है।

हालांकि आदर्श छात्र भी एक ऐसा व्यक्ति है जिससे हर दूसरा छात्र चुपके-चुपके ईर्ष्या करता है। इसलिए, जब कि सभी इस तरह के छात्र के साथ बैठना या मित्र बनना चाहते हैं, तो कई लोग उनके लिए अच्छे की दुआ नहीं करते क्योंकि वे उनसे ईर्ष्या करते हैं। फिर भी इससे आदर्श छात्र के मन को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह अपने व्यक्तित्व से जीवन में उच्च चीजें हासिल करता है।

आदर्श छात्र कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो उत्तम है और प्रत्येक परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त करता है या प्रत्येक खेल गतिविधियों, जिसमें वह भाग लेता है, में पदक जीतता है। आदर्श छात्र वह है जो अनुशासित रहता है और जीवन में एक सकारात्मक दृष्टि रखता है। आदर्श छात्र वह है जो पूर्ण दृढ़ संकल्प के साथ कड़ी मेहनत करता है और एक सच्ची खेल भावना रखता है। आदर्श छात्र वह नहीं है जो कभी भी विफल नहीं होता है पर विफलता से हार नहीं मानता। जब तक वह सफल नहीं होता तब तक वह कोशिश करता रहता है। वह नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहता हैं। वह सफलता का स्वाद लेने चखने के लिए तत्पर रहता है और उसे हासिल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है।


 

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – 2 (300 शब्द)

एक आदर्श छात्र वह है जिसे हर दूसरा छात्र देखता है। कक्षा में या खेल के मैदान में अपने सभी कार्यों को पूरा करने के लिए उनकी सराहना की जाती है। वह अपने शिक्षकों का पसंदीदा होता है और स्कूल में विभिन्न कर्तव्यों का कार्यभार उसे सौंपा जाता है। हर शिक्षक चाहता है कि उनकी कक्षा ऐसे छात्रों से भरी रहे।

एक आदर्श छात्र को निखारने में माता-पिता और शिक्षक की भूमिका

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी कक्षा में हर काम में प्रथम रहें, दूसरों के लिए एक आदर्श उदाहरण बने। कई छात्र अपने माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहते हैं लेकिन एक आदर्श छात्र बनने के लिए उनमें दृढ़ संकल्प और कई अन्य कारकों की कमी होती है। कुछ लोग प्रयास करते हैं और असफल होते हैं पर कुछ लोग प्रयास करने में ही असफ़ल हो जाते हैं लेकिन क्या अकेले छात्रों को इस विफलता के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए? नहीं! माता-पिता को यह समझना चाहिए कि वे अपने बच्चे के समग्र व्यक्तित्व को बदलने और जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। यह उनका कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को स्कूल में अच्छा करने के महत्व को समझने में उनकी सहायता करें।

कई माता-पिता अपने बच्चों को बड़े सपने दिखाते हैं और उन्हें बताते हैं कि कैसे स्कूल के दिनों में अच्छे ग्रेड लाए जाते हैं और उसके लिए कड़ी मेहनत की जाती है जो उन्हें उनकी पेशेवर और व्यक्तिगत जिंदगी में बाद में मदद करती है। हालांकि उनमें से अधिकतर अपने बच्चों को यह नहीं सिखाते हैं कि निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कैसे कड़ी मेहनत करें और प्रेरित रहें। माता-पिता को बच्चों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे स्कूल में अच्छा कर सकें।

शिक्षक अपने छात्रों के व्यक्तित्व को समान रूप से सुधारने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें सकारात्मक रूप से प्रभावित करने और हर कदम पर उन्हें प्रोत्साहित करने के तरीके ढूंढने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

किसी ने भी परिपूर्ण या आदर्श रूप में जन्म नहीं लिया है। किसी भी छात्र में आदतें पैदा करने में लिए समय लगता है जिससे वही छात्र आदर्श बनता है। माता-पिता और शिक्षक दोनों को बच्चे में छिपी संभावितता पहचानने के लिए प्रयास करने चाहिए।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – 3 (400 शब्द)

एक आदर्श छात्र वह है जो शिक्षा के साथ-साथ अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भी अच्छा है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उसका बच्चा स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करे पर कुछ ही बच्चे अपने माता-पिता की उम्मीदें पूरी कर पाते हैं। माता-पिता की भूमिका न केवल अपने बच्चों को व्याख्यान देने और उनसे उच्च उम्मीदें लगाने की होती है बल्कि उन अपेक्षाओं को पूरा करने में उनकी मदद करने और उनका मार्गदर्शन करने की भी होती है।

एक आदर्श छात्र की विशेषताएं

यहां एक आदर्श छात्र की मुख्य विशेषताएं बताई गई हैं:

एक आदर्श छात्र लक्ष्य निर्धारित करता है और उन्हें प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करता है। वह अध्ययन, खेल और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ करना चाहता है और ऐसा करने के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयास में शामिल होने से संकोच नहीं करता।

एक आदर्श छात्र कभी भी मुश्किल होने पर हार नहीं मानता। वह निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निर्धारित रहता है और सफ़लता प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य करता है।

कई छात्र विद्यालय / कोचिंग सेंटर तक देर से पहुंचने, अपने होमवर्क को पूरा नहीं करने, परीक्षा में अच्छी तरह से प्रदर्शन नहीं करने आदि के लिए बहाने देते हैं। हालांकि एक आदर्श छात्र वह है जो बहाने मारने की बजाए ऐसी समस्याओं का हल ढूंढता है।

आदर्श छात्र भरोसेमंद होता है। शिक्षक अक्सर उन्हें अलग-अलग कर्तव्यों का आवंटन करते हैं जो वे बिना असफल हुए पूरा करते हैं।

एक आदर्श छात्र हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। यदि पाठ्यक्रम बड़ा है, यदि शिक्षक अध्ययन करने के लिए समय दिए बिना परीक्षा लेता है, यदि कुछ प्रतियोगी गतिविधियां अचानक रखी जाती हैं तो भी आदर्श छात्र घबराता नहीं है। आदर्श विद्यार्थी हर स्थिति में सकारात्मक बना रहता है और मुस्कुराहट के साथ चुनौती स्वीकार करता है।

एक आदर्श छात्र नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहता है। वह कक्षा में सवाल पूछने में संकोच नहीं करता। एक आदर्श छात्र भी पुस्तकों को पढ़ने और इंटरनेट पर सर्फ करने के अपने तरीके से अलग-अलग चीज़ों के बारे में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए तत्पर रहता है।

एक आदर्श छात्र भी पहल करने के लिए तैयार रहता है। यह ज्ञान और क्षमता को जानने, समझने और बढ़ाने का एक बढ़िया तरीका है।

निष्कर्ष

एक आदर्श छात्र बनने के लिए दृढ़ संकल्प करना पड़ता है। परन्तु इसके लिए किए गए प्रयास अच्छे होने चाहिए। यदि कोई बच्चा कम उम्र से उपरोक्त विशेषताओं को विकसित करता है तो जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे वह निश्चित रूप से बहुत कुछ हासिल कर लेगा।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – 4 (500 शब्द)

हर एक व्यक्ति आदर्श छात्र बनना चाहता है लेकिन केवल कुछ ही ऐसा बनने में सक्षम हैं। इस प्रकार की उत्कृष्टता हासिल करने के लिए बहुत अधिक प्रयास किए जाने की ज़रूरत है। हालांकि एक बार जब आप इसे हासिल कर लेते हैं तो आपको कोई नहीं रोक सकता। हर चीज़ में अच्छा होना आदत हो जाती है और आप इससे कम कोई समझौता नहीं करना चाहते।

आदर्श छात्र कैसे बने?

यहां कुछ ऐसी तकनीकें हैं जो आपको एक आदर्श छात्र बनने में मदद करती हैं:

  1. संगठित बने

यदि आप एक आदर्श छात्र बनने की कामना करते हैं तो सबसे पहले आपको यह करना होगा कि आप संगठित हो। सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए अपने कमरे, अलमारी, अध्ययन की मेज और आसपास की  व्यवस्था। अव्यवस्थित परिवेश मस्तिष्क को अव्यवस्थित कर देते हैं।

  1. सूची बनाए

हर दिन एक निश्चित समय पर जागने और सोने की कोशिश करें। अपने अध्ययनों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को समायोजित करने के लिए एक सूची बनाएं। अपने समय को अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए सही शेड्यूल बनाए रखें।

  1. करने वाले कामों की सूची बनाएं

दैनिक कार्यों की सूची तैयार करना अच्छी आदत है। हर सुबह दिन में पूरा करने वाले कामों की आवश्यक चीज़ों की एक सूची तैयार करें। कार्यों को प्राथमिकता दें और उन्हें समय दें। अपने पास इस तरह की सूची रखने से बेहतर समय प्रबंधन में मदद मिलती है। जैसे आप काम को पूरा करते हैं तो उनको जांचते रहें। इससे आपको उपलब्धि की भावना मिलती है और आप प्रेरित रहते हैं।

  1. पहल करें

स्कूल में और अन्य जगहों में पहल करने में संकोच न करें। अपनी क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए नई परियोजनाएं बनाएं और समझें कि आपकी रुचि वास्तव में क्या है। इस तरह आप न केवल नई चीजों के बारे में सीखेंगे बल्कि उनका प्रदर्शन करने की अपनी क्षमता को भी समझेंगे।

  1. कुछ नया सीखें

पढ़ने की आदत बनाएं, सूचनात्मक वीडियो और ऐसी अन्य सामग्री देखें। यह नई चीजें सीखने, विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने और अपने संपूर्ण ज्ञान और क्षमता को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है।

  1. अच्छे दोस्त बनाएं

ऐसा कहा जाता है आप जिन पांच लोगों के साथ सबसे ज्यादा समय व्यतीत करते हैं आप में उन पाँचों के औसत गुण आ जाते हैं इसलिए यदि आप एक आदर्श छात्र बनना चाहते हैं तो उन लोगों के साथ दोस्ती बनाएं जो अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं और उनके साथ रहें जो प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हैं बजाए उनके जो अपने जीवन को लापरवाही से लेते हैं।

  1. स्वस्थ जीवन शैली का पालन करें

एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसमें नीचे साझा किए गए तीन पहलुओं का ध्यान रखना शामिल है:

स्वस्थ रहने के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करके उचित आहार लेना जरूरी है। आप केवल तब ही अच्छे प्रदर्शन कर पाएंगे जब आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होंगे।

प्रत्येक दिन 8 घंटे नींद पूरा करना आवश्यक है। आपको अपनी नींद पर किसी भी मामले में समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आप में सुस्ती और चेहरे पर थकावट दिखती है। ज़रूरत से ज्यादा सोना भी इस तरह के प्रभाव का कारण बन सकता है तो आपको उस से भी बचाना चाहिए।

जैसे-जैसे कोई छात्र उच्च कक्षा में प्रवेश करता है वैसे-वैसे उस छात्र का जीवन काफी व्यस्त हो जाता है। शारीरिक व्यायाम करने के लिए आधे घंटे से एक घंटे की कसरत करना अनिवार्य है। आप अपनी पसंद के किसी भी व्यायाम का चयन कर सकते हैं। टहलना, साइकिल चलाना, तैराकी, योग, नृत्य या किसी भी चीज में आपकी रुचि हो सकती है।

निष्कर्ष

माता-पिता को यह समझना चाहिए कि उनका बच्चा अपने दम पर उत्कृष्टता प्राप्त नहीं कर सकता है। उसे उनके समर्थन की जरूरत है। माता-पिता को बच्चो से उच्च उम्मीदें रखने की बजाए उन्हें जीवन के विभिन्न चरणों में मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए।


 

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – 5 (600 शब्द)

आदर्श छात्र जन्म से आदर्श या संपूर्ण नहीं होते हैं। वे अपने माता-पिता और शिक्षकों द्वारा आदर्श बनाए जाते हैं। स्कूल में छात्र के प्रदर्शन पर, घर का वातावरण एक बड़ा प्रभाव डालता है। शिक्षक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि माता-पिता और शिक्षक केवल छात्र का मार्गदर्शन कर सकते हैं और अंततः यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह खुद को कैसे संचालित करता है।

क्या चीज़ छात्र को आदर्श बनातीहै?

यहां कुछ चीजें हैं जो विद्यार्थी को आदर्श बनाती हैं:

  • आदर्श छात्र कक्षा में जितना ध्यान देते हैं और समझते हैं उतना ही अच्छा वे अपने कक्षा सत्रों में कर सकते हैं।
  • वे अपने संदेहों को स्पष्ट करने के लिए कक्षा में सवाल पूछने में संकोच नहीं करते।
  • वे यह सुनिश्चित करते हैं कि वे हर दिन घर पर जाने से पहले कक्षा में मिले कार्य को पूरा करें।
  • वे चीजों को व्यवस्थित रखते हैं।
  • वे न केवल अकादमिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं बल्कि खेल, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, कला और शिल्प गतिविधियों जैसी अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेते हैं।
  • वे पहल करते हैं और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैंI वे असफलता के डर के कारण अवसरों को नहीं छोड़ते।
  • वे विफल होने पर भी हार नहीं मानते हैं। वे चीजों को फिर से करने की कोशिश करते हैं जब तक वे वांछित परिणाम प्राप्त नहीं करते।

आदर्श छात्र स्कूल में पसंदीदा होतेहैं

आदर्श छात्र वे होते हैं जो स्कूल में लगभग हर चीज में अच्छे होते हैं। वे सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। कक्षा में हर कोई उनका मित्र बनना चाहता है। सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में एक आदर्श छात्र होने पर शिक्षक और साथ ही अन्य छात्रों पर अच्छी छाप पड़ती है। अगर आपका मित्र पढ़ाई में अच्छा है तो आपको पढ़ाई में सहायता मिलती है। उनके नोट्स हमेशा आपके लिए आसानी से उपलब्ध होते हैं। वह आपको नियमित रूप से अध्ययन करने और खेल, संगीत, नृत्य जैसी अतिरिक्त पाठ्यचर्या वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित करता है। एक व्यक्ति की कंपनी विशेष रूप से उम्र के बढ़ने वाले वर्षों में उस पर एक बड़ा प्रभाव डालती है। जो अच्छे / आदर्श छात्रों का साथ रखते हैं उनमें अच्छी आदतें पैदा होना निश्चित है।

शिक्षकों के बीच आदर्श छात्र उनका पसंदीदा होता है। शिक्षक कक्षा में दूसरों को उनका उदाहरण देते हैं और उन्हें उनकी अच्छी आदतों को अपनाने के लिए कहते हैं। शिक्षक अपनी अनुपस्थिति में इन छात्रों को अन्य कार्य सौंप देते हैं जैसे कि परियोजनाओं की तैयारी, पुस्तकों/नोटबुक का वितरण और कक्षा की निगरानी। हर शिक्षक चाहता है कि उनकी कक्षा में हर छात्र आदर्श हों।

आदर्श छात्र होना जीवन में हमेशामदद करता है

ऐसा कहा जाता है आप जो बार-बार करते असल में आप वैसे ही होते हैं। तब उत्कृष्टता जीवन का एक रास्ता बन जाती है। एक आदर्श छात्र हमेशा व्यवस्थित होता है। वह अपने कमरे, स्कूल बैग, किताबों और अन्य सामान को एक संगठित ढंग से रखता है ताकि जब उसे ज़रूरत पड़े तब समय की बर्बादी न हो। वह जानता है कि उसे सामान की तलाश कहां करनी है। संगठित होने का मतलब केवल चीजों को सही तरीके से रखने का मतलब नहीं है बल्कि इसका मतलब है कि अपने कार्य को एक कुशल तरीके से प्राथमिकता देने और संगठित करने की क्षमता है ताकि उन्हें समय पर पूरा किया जा सके। बाद में यह एक आदत बन जाती है और यहां तक ​​कि जब छात्र बड़े होते हैं तो इस आदत की वजह से संगठित रहते हैं। जो लोग संगठित होते हैं वे दोनों निजी और पेशेवर जीवन को कुशलता से प्रबंधित कर सकते हैं।

एक आदर्श छात्र जानता है कि कैसे विभिन्न गतिविधियों के बीच एक संतुलन को बनाए रखना है और वह जैसे-जैसे पेशेवर जीवन में बढ़ता है उसके लिए कार्य-जीवन का संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। वह काफी कठिन काम करता है और केंद्रित रहता है और यही बाद के जीवन में उसे बहुत कुछ करने में मदद करता है।

निष्कर्ष

एक आदर्श छात्र का जीवन दूर से मुश्किल लग सकता है। हालांकि आदर्श छात्र का जीवन वास्तव में उन लोगों की तुलना में बहुत अधिक सुलझा हुआ होता है जो अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों पर पूरा ध्यान नहीं देते हैं। आदर्श छात्रों को महत्वकांशी माना जाता है। वे अपने जीवन में उच्च लक्ष्य रखते हैं और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।


Previous Story

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस

Next Story

डॉक्टर पर निबंध

आदर्श छात्र पर निबंध Short Essay On Ideal Student In Hindi Language

विद्यालय, महाविद्यालय एंव विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को छात्र कहा जाता है | अध्ययन काल को छात्र जीवन का स्वर्णिम काल कहा जाता है | इसी काल पर उसका भविष्य निर्भर करता है | यदि इस दौरान छात्र ठीक से पढ़ाई पर ध्यान न दें, तो उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है | इसलिए जो छात्र अपने छात्र जीवन के समय का सदुपयोग भली-भांति करते हुए अपने भविष्य को संवारने में निरंतर प्रयत्नशील रहते हैं, उन्हें ही ‘आदर्श छात्र’ की संज्ञा दी जाती है |

छात्र का उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना होता है | शिक्षा जीवनभर चलने वाली एक प्रक्रिया है | इसके द्वारा एक व्यक्ति आत्म-निर्भर बनता है, एंव उसके चरित्र का निर्माण होता है | एक आदर्श छात्र वही होता है, जो शिक्षा के इन उद्देश्यों पर पूर्णत: खरा उतरता है | प्राचीन काल में शिक्षा के उद्देश्य चरित्र-निर्माण, व्यक्तित्व विकास, संस्कृति का संरक्षण, समाजिक कर्त्तव्यों का विकास इत्यादि थे | वर्तमान में भी शिक्षा के इन उद्देश्यों में परिवर्तन नहीं हुआ है, किन्तु इनके अतिरिक्त भी शिक्षा के कई उद्देश्य वर्तमान संदर्भ में आवश्यक हैं | वर्तमान में शिक्षा का उद्देश्य देश का सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकीकरण करना भी है | शिक्षा का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करना भी होता है | एक आदर्श छात्र वही होता है, जो शिक्षा के इन उद्देश्यों पर पूर्णत: खरा उतरता है |

इस तरह एक आदर्श छात्र ईमानदार होता है | वह अपनी पढ़ाई पर पूरा-पूरा ध्यान देता है, अपने साथियों के साथ मिलकर रहता है एंव आवश्यकता पड़ने पर उनका सहयोग करता है | वह अपने माता-पिता एंव शिक्षकों का सम्मान करता है एंव उनकी सेवा करने के लिए भी तत्पर रहता है | उसकी दिनचर्या प्रातः जल्दी शुरू हो जाती है | सुबह तड़के ही नित्य-क्रिया से निवृत्त होकर वह हाथ-मुंह धोता है एवं उसके बाद कुछ समय तक शारीरिक व्यायाम एंव योग करता है | इसके बाद वह स्नान कर अपनी पढ़ाई शुरु कर देता है | नम्रता, अनुशासन, ईमानदारी, बड़ों के प्रति श्रद्धा और सम्मान, परिश्रम, समय का सदुपयोग इत्यादि एक आदर्श छात्र के गुण हैं | आदर्श छात्र अपने माता-पिता और गुरुजनों का स्नेहभाजन होता है | वह समाज में भी सबका स्नेह प्राप्त करता है |

आदर्श छात्र अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम, खेलकूद एवं योग को भी अपने जीवन में स्थान देता है | खेल के समय हमेशा खेल-भावना का परिचय देते हुए, अपने साथियों को प्रोत्साहित करता रहता है | खेल के द्वारा वह अपनी एंव अपने साथियों की नेतृत्व क्षमता का विकास करता है तथा शिष्टाचार एंव अनुशासन का पाठ सीखता एंव सिखाता है | जो छात्र अपने प्रत्येक कार्य नियम एंव अनुशासन का पालन करते हुए संपन्न करते हैं, वे अपने अन्य साथियों से न केवल श्रेष्ठ माने जाते हैं बल्कि सभी के प्रिय भी बन जाते हैं | शिष्टाचार एंव अनुशासन के इन्हीं महत्त्वों को समझते हुए एक आदर्श छात्र शिष्ट होता है एंव अनुशासन का पालन करता है |

आदर्श छात्र अपने कर्तव्यों का पालन सही ढंग से करता है | वह पढ़ाई के अतिरिक्त खेल-कूद को भी समय देता है | वह विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिताओं, जैसे वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, कविता-पाठ इत्यादि में पूरे उत्साह से भाग लेता है | विद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न आयोजनों में वह स्वयंसेवक की भूमिका भी निभाता है | वह विद्यालय को अपना परिवार और विद्यालय में पढ़ने वाले अन्य छात्रों को अपना मित्र समझता है | वह अपने से छोटी कक्षा के छात्रों को स्नेह देता है एंव अपने से बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सम्मान करता है | आवश्यकता पड़ने पर वह अपने वरिष्ठ छात्रों से सहयोग प्राप्त करने में संकोच नहीं करता है |

आदर्श छात्र की भाषा संयमपूर्ण एंव शिष्ट होती है | वह अशिष्ट भाषा का प्रयोग नहीं करता | वह हमेशा शिष्टाचार का ही पालन करता है | वह भूल कर भी अपने साथियों से नहीं झगड़ता |

विद्यार्थी को छात्र जीवन में सुख की प्राप्ति मुश्किल होती है | उसे दिन-रात परिश्रम करते हुए अपनी पढ़ाई पूरी करनी होती है | इसलिए संस्कृत में कहा गया है- “सुखार्थिन: कुतो विद्या, विद्यार्थिन: कुतो सुखम”, अर्थात “सुख चाहने वालों को विद्या की प्राप्ति एंव विद्या के अभिलाषी को सुख की प्राप्ति नहीं हो सकती |” सुबह उठकर पढ़ाई करना, दिन भर विद्यालय में पढ़ाई करना, उसके बाद रात को सोने से पहले पढ़ाई करना, पढ़ाई की इन समयावधियों के बीच शारीरिक एंव मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से खेल-कूद एवं व्यायाम को भी दिनचर्या में शामिल करना, यह किसी भी व्यक्ति के लिए कष्टदायी हो सकता है | किन्तु जीवन में सफलता के दृष्टिकोण से यह अनिवार्य है | कुछ खोए बिना, कुछ पाना भी तो मुश्किल है | यदि सुख की कीमत पर विद्या की प्राप्ति होती है, तो क्या कम है ! क्योंकि विद्या तो अनमोल है | इस विद्या के परिणामस्वरुप व्यक्ति का भविष्य सुखमय हो जाता है एंव छात्र जीवन के कष्ट की भरपाई हो जाती है |

आदर्श छात्र अपने देश की एकता एंव अखंडता के महत्व को समझता है | वह सभी धर्मों का समान भाव से सम्मान करता है एंव किसी व्यक्ति में जाति, धर्म, लिंग इत्यादि के आधार पर भेदभाव नहीं करता | आदर्श छात्र चूंकि अनुशासित जीवन व्यतीत करता है एंव शिष्टाचार का पालन करता है, इसलिए उसमें नेतृत्व की भावना का विकास स्वाभाविक रुप से हो जाता है |

नि:संदेह छात्र ही देश के भविष्य हैं | आदर्श छात्रों से ही देश के अच्छे भविष्य की आशा की जा सकती है | वे ही देश को सही नेतृत्व प्रदान कर सकते हैं, क्योंकि छात्र जीवन के दौरान शिष्टाचार, अनुशासन एवं ईमानदारी के गुण उनमें इस तरह कूट-कूट कर भरे जाते हैं | आदर्श छात्र ही भविष्य में देश की एकता एंव अखंडता को कायम रखकर, इसे बढ़ाने में सहयोगी हो सकते हैं | इस तरह आदर्श छात्र देश के भविष्य एंव समाज के लिए गौरव होते हैं |

One thought on “Essay On An Ideal Student In Hindi

Leave a comment

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *